आज की भागती दौड़ती ज़िन्दगी में भी बच्चों के लिए माता पिता बहुत गम्भीर नज़र आते हैं। नवजात शिशु से लेकर १२ साल तक की उम्र तक बहुत ही अच्छे से ख़्याल रखते हैं और और हफ्ते महीने साल के अनुसार टीकाकरण भी कराते हैं ताकि हमारा बच्चा हष्ट पुष्ट तंदुरुस्त रहे और कोई बीमारी ना लगे। बीच बीच में बाल चिकित्सक से सलाह भी लेते हैं ताकि कोई आगे की परेशानी तो नहीं आएगी। उन्हें हमेशा ख़्याल रहता है। जब बच्चा ६ महीने का होता है तब उसे क्या खाना है क्या नहीं खाना है सब बाल चिकित्सक बताते हैं। अब आते हैं हम १२ साल के बाद की उम्र पर जो हम उन सभी इंजेक्शन को लगवाते हैं जिनसे कोई भयंकर बीमारी ना लगे। राष्ट्रीय टीकाकरण लिस्ट नीचे दिखाया गया है।
ऐसे में माता पिता को इसकी जानकारी देना चाहिए। उम्र जैसे जैसे बढ़ती जाती है वैसे वैसे उनके यौन विकास के ज्ञान को बढ़ाना भी माता पिता की ज़िम्मेदारी है। अगर हम ख़ुद से बताने में सक्षम नहीं हैं तो आप किसी और से जानकारी दिलाएं जो इनमें एक्सपर्ट हों। अगर हम १२ साल तक बल चिकित्सक तक लेे जा सकते हैं उनकी शारीरिक विकास और बीमारी रहित बनाने के लिए तो यौन शिक्षा की जानकारी के लिए क्यों नहीं? उनके मन में उठने वाले सारे सवाल का जवाब बिना पूछे मिल जाए तो गलत गलत कदम उठाने का सवाल ही नहीं पैदा होता। कब, कहां और कैसे इन सब की जानकारी मिल जाए तो शायद यौन शोषण और बलात्कार जैसे मामले काम होने लगेंगे। और वो दिन दूर नहीं जो हम समाज में बदलाव ना ला पाएं।




